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जेआईपीएसआर काॅलेज में “उत्साह, उमंग और भावनाओं के संग सम्पन्न हुई फेयरवेल एवं फ्रेशर पार्टी”


व्हीआईएसएम ग्रुप आॅफ स्ट्डीज़ के अंतर्गत संचालित जय इंस्टीटयूट आॅफ फार्मास्यूटिकल साईसेज एण्ड रिसर्च में बी.फार्मा. नवीन सत्र की फ्रेशर पार्टी एवं बी.फार्मा. अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों की फेयरवेल पार्टी का भव्य आयोजन अत्यंत उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। वरिष्ठ विद्यार्थियों को सम्मानपूर्वक विदाई दी गई तथा नवप्रवेशित विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत किया गया। नवप्रवेशित विद्यार्थियों को पारंपरिक तिलक लगाकर एवं पुष्पगुच्छ देकर उनका स्वागत किया गया। फ्रेशर विद्यार्थियों ने एकल नृत्य, गायन, समूह नृत्य एवं रैंप वॉक जैसी आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। उनकी प्रतिभा एवं आत्मविश्वास ने उपस्थित जनसमूह को प्रभावित किया। वरिष्ठ विद्यार्थियों ने भावुक होकर अपने शैक्षणिक जीवन के अनुभव साझा किये और शिक्षकों एवं साथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। कार्यक्रम में मिस्टर फेयरवेल प्रवेश एवं मिस फेयरवेल रेशु चैहान रहें एवं मिस्टर फ्रेशर सनी धाकड़ एवं मिस फ्रेशर वैष्णवी राजपूत रहीं । कई छात्र-छात्राओं की हृदयस्पर्शी अभिव्यक्तियों ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। इस अवसर पर संस्थान के चेयरमैन डॉ. सुनील कुमार सिंह राठौर ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि फार्मेसी का क्षेत्र अत्यंत जिम्मेदारीपूर्ण है और विद्यार्थियों को अनुशासन, परिश्रम एवं नैतिक मूल्यों को अपनाकर समाज की सेवा के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने तथा संस्थान का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने यह भी कहा कि “आज का युग हेल्थकेयर और रिसर्च का युग है। फार्मेसी केवल दवाइयों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह रिसर्च, क्लिनिकल प्रैक्टिस, इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन, क्वालिटी कंट्रोल और पेशेंट काउंसलिंग जैसे अनेक महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़ा हुआ है। एक सक्षम फार्मासिस्ट ही सुरक्षित और प्रभावी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करता है।” उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि फार्मासिस्ट की भूमिका केवल दवा वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि वह मरीजों को सही मार्गदर्शन देने, दवाओं के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करने और स्वास्थ्य संबंधी परामर्श देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है जिसका जीता जागता उदाहरण हम कोरोना के समय देख चुके है। इस मौके पर संस्थान की चयेरपर्सन श्रीमती सरोज राठौर, ग्रुप निदेशक डाॅ. प्रज्ञा ंिसह, समस्त महाविद्यालयों के प्राचार्यगण उपस्थित रहें

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